Tuesday, October 20th, 2026

चीन के खिलाफ अमेरिका ,जापान, ब्रिटेन-फ्रांस और जर्मनी हुए एक साथ

टोक्यो
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दादागिरी को खत्म करने के लिए अमेरिका और जापान ने नई रणनीति बनाई है। समुद्र में चीनी चाल को खत्म करने के लिए अमेरिका और जापान ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे शक्तिशाली देशों को दक्षिण चीन सागर में आमंत्रित किया है। वहीं, चीन भी तेजी से अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है। जिसके जरिए वह अपनी समुद्री और क्षेत्रीय महत्वकांक्षा को पूरा करना चाहता है।

जर्मनी के साथ संबंध मजबूत कर रहा जापान
चीन पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका और जापान यूरोपीय देशों को भी साथ मिलाना चाहते हैं। जापानी रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने 15 दिसंबर को अपने जर्मन समकक्ष एनेग्रेट क्रैम्प-कर्रेनबॉयर के साथ एक ऑनलाइन बैठक में कहा था कि जापान में यूरोप के साथ रक्षा सहयोग के और अधिक विकास की क्षमता है। जिसके जवाब में क्रैम्प-कर्रेनबॉयर ने कहा कि इंडो-पैसिफिक में जो होता है, उससे जर्मनी और यूरोप भी प्रभावित होते हैं। हम इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित नौपरिवहन की सुरक्षा में सहयोग करना चाहते हैं।


ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भेज रहे युद्धपोत
2021 में यूरोपीय देश अपनी सामरिक रणनीति में बड़े पैमाने पर इंडो पैसिफिक क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि आने वाले कुछ महीनों में ब्रिटेन विमानवाहक युद्धपोत क्वीन एलिजाबेथ और उसके स्ट्राइक ग्रुप को पूर्वी एशिया में तैनात करेगा। वहीं, फ्रांस जापान के पास अपना नौसैनिक युद्धपोत भेजने जा रहा है, जबकि जर्मनी एक फ्रिगेट भेजेगा।

 

 

#दक्षिण चीन सागर

Source : Agency

पाठको की राय